“भरोसा खुद पर करों”

किस्मत को कोसते कोसते उम्र खत्म हो ही जाती है,
पर इरादों के सामने अक्सर किस्मत भी झुक जाया करती है…।

यूँ दुसरो के सहारे ज़िन्दगी कट ही जाती है,
अगर भरोसा खुद पर हो तो ज़िन्दगी हसीन बन जाती है…।

सोच में इतना डूबकर हम सारे मोके गवा देते है,
अगर कुछ करने की चाह हो तो कई राहें खुल ही जाती है…।

कर खुद पर भरोसा लकीरो पर नही,
किस्मत तो उनकी भी बेहतरीन है जिनके हाथ नही…।

Shabdsiyapa©

Author: Shabd Siyapaa

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