Unkahe Shabd ~ 02.Tallukat

तालूख तो हमारा सिर्फ तुमसे था,
गैरो का ना कोई इसमे हिस्सा था,
अब तुमने भी मुझे तन्हा यूँ छोड़ा,
कि रहा ना मैं हिस्सा जमाने का !!!

Shabdsiyapaaa©

Author: Shabd Siyapaa

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